जन्मपत्रिका रूपी विधाता के पत्र का सन्देश पाकर ही आगे चला जाये तो जीवन-यात्रा के पथ की सही दिशा की ओर पग बढाये जा सकते हैं । जीविका का साधन जीवन-यात्रा के लिए एक वाहन के समान है क्या उचित व्यवसाय उन्नति व सुख-सन्तीष के पथ की मार्गदर्शिका है। जातक को उसकी ग्रहस्थिति तथा नैसर्गिक अभिरुचियों के अनुसार उचित व्यवसाय-वयन में ज्योतिष पूर्ण रूप से सहायता कर सकती हैं । जिससे सही दिशा की और जाने से श्रम तथा समय वृथा नष्ट न हों व प्रारंभ से ही समयतथा ऊर्जा का फ्तदायी उपयोग हो सके। नियति ने जातक को किस व्यवसाय के लिए योग्यता प्रदान की है यह जन्मपत्रिका के माध्यम से जानकर उचित दिशा में प्रयास किया जाये तो उन्नति तया सन्तोष के मार्ग अधिक प्रशस्त होंगे ।ऐसे ही विचारों से प्रेरित होकर मैंने प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न व्यवसाय वाले व्यक्तियों की पत्रिकाओं के उदाहरण देते हुए यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि किस ग्रह-स्थिति के फलस्वरूप कौन -से व्यवसाय आप चुनना चाहते हैं
प्रभावशाली हिंदी में प्रस्तुत किए गए हैं। Prabhat Prakashan द्वारा प्रकाशित यह किताब हर हिंदी पाठक के लिए एक बहुमूल्य उपहार है।
ज्योतिष में लग्न कुण्डली का बड़ा महत्व है I व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में जो राशि उदित होती है
Publisher: Notion Press
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Vivah aur Vivahit Jeevan [Hindi] K Guru Rajesh जन्मपत्रिका रूपी विधाता के पत्रVivah aur Vivahit Jeevan [Hindi] By Ganga Prasad Upadhyaye Publisher: Vijaykumar Govindram Hasanand " (Vivah aur Vivahit Jeevan) , , , , , , , , , , "